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सूरज पर प्यारी कविता – Poem On Sun in Hindi – सूर्य की कविता

Poem On Sun in Hindi – सूर्य जिसको हम अपना जीवन कह सकते है, क्यूंकि सूरज के बिना पृथ्वी पर रहना असम्भव है | सूर्य सौर्यमंडल का सबसे बढ़ा तारा है जिसका मौसम के हिसाब से तापमान बदलता रहता है, अगर सूर्य ना हो तो धर्मी एक बर्फ का गोला बन सकती है | इसलिए सूर्य का हमारे जीवन में बहुत महत्व है | इसको बच्चे प्यार से सूरज चाचा भी कहते है | आपने बचपन में दादा दादी या नाना नानी से कई सारी जैसे चाँद, तारों की कविताये आदि सुनी होगा और वह आपको काफी अच्छी लगी होंगी | लेकिन क्या आपने सूर्य से सम्बंधित कविता आदि का वर्णन किया अगर नहीं तो आज का यह लेख आपके लिए, इस लेख में हम आपको सूर्योदय पर कविता, Sun Poem in Hindi, सुबह का सूरज कविता, Poem On Sun in Hindi आदि का बेहतरीन संग्रह पेश करेंगे जिसे पढ़कर आपको अवश्य कुछ सीख मिलेंगी और मनोरंजन भी होगा |

सूर्य से सम्बंधित कविता

(Roj Subha Ko Suraj Aakar) – Kavita 

रोज सुबह को सूरज आकर,
सबको सदा जगाता हैं,
श्याम होई लाली फैलाकर,
अपने घर को ज्याता हैं,
दिनभर ख़ुद को जला जलाकर
ये उजाला फैलता हैं,
उसका जीना ही जीना हैं,
जो काम सभी के आता हैं !

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सूर्य की कविता

(Purab Se Lekar Ravi Laali) – Kavita 

पूरब से लेकर रवि लाली,
रोज सवेरे है आते।
फैलाकर उजियाला अपना,
है जग को रौशन कर जाते।

देते नवजीवन पौधों को,
धरती को देते हरियाली।
खिलाकर नवकुसमों को,
महकाते वो डाली-डाली।

पंखों में डालकर जीवन,
खग को देते नई उड़ान।
करते है अपनी आभा से,
नव जीवन का नवल विहान।

इंद्रधनुष के सप्तरंगों में,
बन प्रकृति का कलाकार।
बरसा कर मेह धरती पर,
करते है उसका श्रृंगार !

निधि अग्रवाल द्वारा लिखित

सूरज पर प्यारी सी कविता

(Sabse Tez Wala Aag Ka Ek Gola Hai) – Kavita 

सबसे तेज वाला
आग का एक बड़ा गोला है
इससे जन जीवन है
वरना धरती बर्फ का गोला है
इस से मिलती है ऊर्जा
इस से मिलती है प्रेरणा
इसको मानते हैं देवता
इसकी होती है अर्चना
हमारे शौर मंडल का सबसे बड़ा तारा
हाँ, ये तो है सूरज

 अनुष्का सूरी द्वारा लिखित 

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Poem On Sun in Hindi

(Suraj Aaya, Sunahri Prabhat Laaya) – Kavita 

सूरज आया,
सुनहरी प्रभात लाया

आसमान में बिखेर कर अपनी किरणे,
एक नए दिन का परचम लहरा रहा है

फूल खिल रहे हैं बागों में,
हो रहा है नए जीवन का आगाज

पंछी उड़ रहे हैं गगन में,
भिन्न-भिन्न आवाजों से नया गीत सुना रहे है

मीठी मीठी ठंडी ठंडी हवा चल रही है,
मंद मंद मुस्का के फसलें लहरा रही है

कल कल करती नदियाँ बह रही है,
झरने भी अनोखी राग सुना रहे है

धरा भी खुश होकर घूम रही है,
हर एक कोना रोशन हो रहा है

हो रहा है तेरा हर तरफ गुणगान,
कोई तुझे नमन करता तो कोई करता पूजा

संध्या होते छिप गया कही दूर गगन में,
छोड़ अपनी निशानी लाली आसमा में

नरेंद्र वर्मा द्वारा लिखित 

Surya Poem in Hindi

(Suraj Se Hum Karte Hai Pyar) – Kavita 

सूरज से हम करते हैं प्यार,
इसमें है ऊर्जा अपार,
रौशनी का यह है भण्डार।
सूरज है सौरमंडल का तारा,
लगता है हमको प्यारा,
दिन रात भी यही देता है,
हमसे कुछ नहीं लेता है।

सूर्य अस्त पर कविता

(Surya Aaya Bhor Hue) – Kavita 

सूरज आया, भोर हुई
नभ में छाया,
सबके मन को भाया

चिड़ियों ने चह चाह कर
मुर्गो ने कुक की बांग देकर,
भानु के स्वागत में गीत गाए

अंधियारा दूर हो गया,
नभ में छा गया उजियारा

सोने वाले सब उठ गए
किसी ने नमन किया,
तो किसी ने ली अंगड़ाई

तितलियों ने भरी बागो में उड़ान
भंवरों ने भी घु घु की तान बजाई,
मधुमक्खियों ने किया फूलों का रसपान

शाम हुई तो
नभ में छोड़ गया लाली माँ,
न जाने कहां छुप गया

सूरज आया, भोर हुई
नभ में छाया,
सबके मन को भाया

सूर्य पर छोटी कविता

उम्मीद करते है आपको हमारे द्वारा ऊपर बताया गया यह संग्रह अवश्य पसंद आया होगा, अगर नहीं या आप इसे भी अच्छा बेहतरीन कविता संग्रह खोज रहे हैं तो आपको चिंता करने की जरुरत नहीं है क्यूंकि नीचे हम आपको सूरज पर कविता हिंदी में, Poem On Sun in Hindi, सूरज चाचा पर कविता, सूर्य पर कुछ कविताएँ, Sun Poem in Hindi, सूर्य से संबंधित कविता, Short Poem On Sun in Hindi, सूर्य अस्त पर कविता, सूर्य भगवान की कविता, सूर्य कविता मराठी आदि का संग्रह पेश करेंगे जिन्हे पढ़कर हम उम्मीद करते है की आपको जरूर मनोरंजन होगा और कुछ सीख मिलेगी |

(सूरज निकला मिटा अंधेरा कविता )

सूरज निकला मिटा अंधेरा,
देखो बच्चों हुआ सवेरा।
आया मीठी हवा का फेरा,
चिड़ियों ने फिर छोड़ा बसेरा।
जागो बच्चों अब मत सोओ,
इतना सुन्दर समय न खोओ।

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उगते सूरज पर कविता

(Dekho Dekho Aasman Me Suraj Chacha Chamak Rahe Hai) – Kavita 

देखो-देखो! आसमान में,
सूरज चाचा चमक रहे है।
चमकीले से कपड़ों में देखो,
कितने वो दमक रहे है।

धरती को देने उजियारा,
लाते वो रोज सवेरा।
करने जगमग धरती को,
दिनभर देते है वो पहरा।

बारिश के मौसम में देखो,
कितने रंग वो लाते है।
सतरंगी कर आसमान को,
इंद्रधनुष खिलाते हैं।

कितनी उनकी है शान निराली,
छाई है माथे पर उनके लाली।
उनके आने से आये हरियाली,
उनसे ही छाए धरती पर खुशहाली

सुबह का सूरज कविता

(Suraj Tere Aane Se Dharti Ho Gyi Pavan) – Kavita 

सूरज तेरे आने से हो गई धरती पावन,
तू ना होता तो आज ना होता, कल ना होता

तू आया तो हो गया सवेरा,
काली अंधेरी रात को तूने हटाया

आंखों की रोशनी तेरी किरणों से है,
तू ना होता तो देख न पाते धरती की सुंदरता को

तेरे आने से सारा जग हरसाया,
नवजीवन तुझ में ही समाया

जल, वायु, धरा काम न आते,
अगर नहीं होता तेरी किरणों का साया

तू ना होता तो ये नीला असमा ना होता,
गगन में उड़ते पंछी ना होते

तू ना होता तो जीवन नहीं होता,
तू ना होता तो आज ना होता, कल ना होता

सूरज चाचा पर कविता

(Suraj Chacha Jab Aate Hai) – Kavita 

सूरज चाचा जब आते है,
चंदा मामा छुप जाते है।
आसमान के सारे तारे,
जाने कहाँ गुम हो जाते है।

तेज रौशनी से सूरज चाचा की,
लगता सब डर जाते है।
इसलिए छिप कर कही,
अपना दिन बिताते हैं।

शाम को जब सूरज चाचा,
अपने घर को जाते है।
आसमान के सारे तारे,
चंदा संग खुशी मनाते है।

जल्दी-जल्दी अपने घरों से,
बाहर निकल कर आते है।
ठंडी-ठंडी अपनी चाँदनी से,
सबका मन हर्षाते है !

सूर्य पर अनोखी कविता

(Suraj Nikla, Suraj Nikla) – Kavita 

सूरज निकला, सूरज निकला
देखो देखो पूर्व सूरज निकला,
नन्ही-नन्ही किरणों से कर दिया जग सारा रोशन

गांव-गांव शहर-शहर गली-गली सूरज निकला
आसमान में रंग बिरंगी रोशनी फैलाता,
देखो देखो पूर्व सूरज निकला

किरणों से अपनी सभी को जगाता
पक्षी आसमान में पंख फैलाकर उड़ते,
देखो देखो पूर्व सूरज निकला

बच्चे आंगन में करते हंसी ठिठोली
खेल रहे हैं झूम झूम कर कूद कूद कर,
देखो देखो पूर्व सूरज निकला

दिनभर लुकाछिपी करता बादलों में
कभी निकलता कभी छुपता,
देखो देखो पूर्व सूरज निकला

शाम होते ही छिप गया पश्चिम में
छोड़ गया लालिमा आसमां में,
देखो देखो पूर्व सूरज निकला

सूरज पर कविता हिंदी में

(Maine Ugte Hue Suraj Ko Dekha) – Kavita 

मैंने उगते हुए सूर्य को देखा है
भारी भीड़ के बीच खड़े होकर

मैंने डूबते हुए सूर्य को भी देखा है
अकेले खड़े रह कर
सूर्य जब भी डूबा है
अकेला ही
आस पास
दूर-दूर तक कोई और नहीं
और लोग तुरंत ही
नये दिन के साथ नए सूर्य की
अगवानी के लिए
उत्साहित हो जुट जाते हैं

उम्मीद करते है आपको सूरज पर प्यारी कविताPoem On Sun in Hindi – सूर्य की कविता आदि का संग्रह अवश्य पसंद आया होगा, अगर आप ऐसे ही शायरी संग्रह पाना चाहते है तो हमारे इस ब्लॉग को जरूर फॉलो करे | अगर आपका इस पोस्ट से रिलेटेड कोई भी सवाल हो तो हमे जरूर बताये आपके सवाल का जवाव हम जल्द ही देने का प्रयास करेंगे |

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